अगली सुबह पुलिस स्टेशन में बैठा मैं सब कुछ देख रहा था। मीरा भाभी ने पूरी कहानी बयान कर दी थी। लिफाफे के सभी दस्तावेज़ पुलिस को सौंप दिए गए थे।
इंस्पेक्टर रवीना शर्मा केस देख रही थीं। तेज़-तर्रार और अनुभवी अधिकारी।
“मिस्टर राजीव,” इंस्पेक्टर ने पूछताछ शुरू की। “2020 में आपकी पहली पत्नी प्रिया मेहता गायब हो गई थीं। उसके ठीक 6 महीने बाद आपने मीरा से शादी कर ली। ये काफी संदिग्ध है।”
राजीव भैया चुप बैठे रहे।
“और देखिए ये।” इंस्पेक्टर ने एक फाइल खोली। “हमने आपके बैंक ट्रांजेक्शन चेक किए। प्रिया के गायब होने के दो दिन पहले आपने 5 लाख रुपये कैश निकाले थे। वो पैसे कहाँ गए?”
राजीव भैया ने आखिरकार बोलना शुरू किया। “मैंने… मैंने कुछ नहीं किया। प्रिया खुद चली गई थी।”
“झूठ मत बोलिए।” इंस्पेक्टर ने एक और कागज़ निकाला। “हमने नासिक पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने आपके पुराने घर की दोबारा जांच की। बेसमेंट की दीवार में ताज़ा चिनाई मिली है।”
मेरी सांसें रुक गईं।
“हमने फॉरेंसिक टीम भेजी है। अगर वहां कुछ मिला तो…”
राजीव भैया का चेहरा पसीने से भीग गया। उनके हाथ काँपने लगे।
“मैं… मैं वकील से बात करना चाहता हूँ।”













