तस्वीर में राजीव भैया एक और महिला के साथ थे। लेकिन ये कोई साधारण तस्वीर नहीं थी।
पृष्ठभूमि में एक बोर्ड दिख रहा था जिस पर लिखा था – “विवाह रजिस्ट्रेशन ऑफिस, नासिक – 2018″।
मेरा सिर चकरा गया। 2018? लेकिन राजीव भैया और मीरा भाभी की शादी तो 2019 में हुई थी।
“ये… ये कब की तस्वीर है?” मैंने पूछा।
“6 साल पुरानी।” मीरा भाभी की आवाज़ में दर्द था। “मेरी शादी से एक साल पहले की।”
मैंने दूसरे दस्तावेज़ निकाले। एक मैरिज सर्टिफिकेट था। राजीव कुमार शर्मा और प्रिया मेहता का। 2018 में रजिस्टर्ड।
“मतलब… राजीव भैया पहले से शादीशुदा हैं?”
भाभी ने सिर हिलाया। “और भी बुरा है, अर्जुन। वो महिला… प्रिया… वो अभी भी ज़िंदा है।”
मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई। इसका मतलब राजीव भैया ने दो शादियाँ कीं? और मीरा भाभी को इसकी भनक तक नहीं थी?
“मुझे आज ये लिफाफा मेरे घर के मेलबॉक्स में मिला।” भाभी बोलीं। “कोई भेजने वाले का नाम नहीं था। बस एक चिट्ठी थी जिसमें लिखा था – ‘तुम्हारी शादी फर्जी है।'”
“आपने राजीव भैया से पूछा?”
“हाँ। शाम को जब वो ऑफिस से आए तो मैंने दिखाया। पहले तो वो चुप रहे। फिर… फिर गुस्से में मुझ पर हाथ उठा दिया। बोले कि मैं उनके खिलाफ साजिश कर रही हूँ।”
भाभी की आँखों से आंसू बह निकले। “उन्होंने मुझे कमरे में बंद कर दिया। कहा कि सुबह तक मैं किसी से बात नहीं करूँगी वरना वो मुझे और मेरे परिवार को बर्बाद कर देंगे।”
“फिर आप यहाँ कैसे आईं?”
“खिड़की से कूदी। हमारा फ्लैट ग्राउंड फ्लोर पर है ना।”
मैं सोच में पड़ गया। मीरा भाभी सच बोल रही हैं, ये मुझे पता था। लेकिन राजीव भैया इतना बड़ा झूठ क्यों बोलेंगे?
तभी मेरे दिमाग में एक बात आई। “भाभी, वो पहली पत्नी… प्रिया… वो कहाँ है?”













